निदेशक की कलम से

 

प्रिय साथियों,

प्रिय साथियों, सुखी जीवन निधि लिमिटेड बैंक में आपका हार्दिक स्वागत है। इस संसार में हम सभी अपने परिवार के प्रति समस्त जिम्मेदारियां निभाना चाहते है और यह एक उसका सपना होता है कि वह स्वयं और अपने परिवार एवं समाज को सुरक्षित एवं सफल बनाए लेकिन आज के इस समय में सपने केवल सपने बनकर ही रह जाते है और वे कभी हकीकत में नहीं बदल पाते है क्योंकि आज के समय में कोई ऐसा प्लेटफाॅर्म नहीं मिल पाता है जिससे हम अपने सपनों को साकार कर हकीकत में बदल सके। यदि आप अपने सपनों को साकार कर हकीकत में बदलना चाहते है तो आप वह आप स्वयं ही बदल सकते है क्योंकि -

मंजिले उनकों ही मिलती है,
जिनके सपनों में जान होती है।
पंख होने से कुछ नहीं होता,
हौसलों से उड़ान होती है।।


यदि आपको स्वयं पर भरोसा हो कि आप अपनी मंजिल पा सकते है तो आये आप हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर चले। सुखी जीवन निधि लिमिटेड आपके सपनों को साकार करने में आपके साथ वचन-बह् है। याद रखे-दुनिया का कोई भी कार्य करने से पहले मुश्किल, कठिन और असंभव होता है लेकिन अगर सोच और इरादा मजबूत हो तो दुनिया का कोई भी कार्य असम्भव नहीं है मैं आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ और मेरी हार्दिक शुभकामनायें हमेशा आपके साथ है।

 

IMPOSSIBLE-I, M, POSSIBLE


इंसान असफल तब नहीं होता जब वह हार जाता है, असफल तब होता है जब वो ये सोच ले कि अब वो जीत नहीं सकता।

 

किस्मत पहले ही लिखी जा चुकी है तो कोशिश करने से क्या मिलेगा?, क्या पता किस्मत में लिखा हो कि कोशिश और मेहनत से ही मिलेगा।

 

परेशानियों से भागना आसान होता है, हर मुश्किल जिन्दगी में एक इम्तिहान होता है, हिम्मत हारने वाले को कुछ नहीं मिलता जि़न्दगी में, और मुश्किलों से लड़ने वाले के क़दमों में ही तो जहाँ होता है।

 

जीत और हार आपकी सोच पर ही निर्भर करती है मान लो तो हार होगी और ठान लो तो जीत होगी।